यूपीकोका UP विधानसभा में पास, कानून की जद में संगठित अपराध

महाराष्ट्र के बाद उत्तर प्रदेश दूसरा ऐसा प्रदेश बन गया है, जो इतना सख्त कानून लागू करने जा रहा है.

लखनऊ: योगी सरकार की ओर से संगठित अपराध पर नकेल कसने के लिए विधेयक यूपीकोका विपक्षी दलों के लगातार विरोध के बावजूद उत्तर प्रदेश विधानसभा में पास हो गया है. नए कानून के तहत अंडरवर्ल्ड, जबरन वसूली, जबरन मकान और जमीन पर कब्जा, वेश्यावृत्ति, अपहरण, फिरौती, धमकी और तस्करी जैसे अपराध शामिल होंगे. विपक्षी दल सपा-बसपा की गैरमौजूदगी में यह बिल पास हुआ. यूपी विधानसभा के शीतकालीन सत्र में 20 दिसंबर को इस विधेयक को पेश किया गया था. महाराष्ट्र के बाद उत्तर प्रदेश दूसरा ऐसा प्रदेश बन गया है, जो इतना सख्त कानून लागू करने जा रहा है.
उत्तर प्रदेश कंट्रोल ऑफ आर्गेनाइज्ड क्राइम एक्ट के तहत निम्नलिखित प्रावधान हैं-किसी भी तरह का संगठित अपराध करना वाला व्यक्ति इस कानून की जद में आएगा, इस कानून के तहत गिरफ्तार व्यक्ति को 6 महीने तक जमानत नहीं मिलेगी, इस कानून के तहत केस तभी दर्ज होगा, जब आरोपी कम से कम दो संगठित अपराधों में शामिल रहा हो. उसके खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई हो, यूपीकोका में गिरफ्तार अपराधी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल करने के लिए 180 दिन का समय मिलेगा. अभी तक के कानूनों में 60 से 90 दिन ही मिलते हैं, यूपीकोका के तहत पुलिस आरोपी की रिमांड 30 दिन के लिए ले सकती है, जबकि बाकी कानूनों में 15 दिन की रिमांड ही मिलती है, इस कानून के तहत कम से कम अपराधी को 5 साल की सजा मिल सकती है. अधिकतम फांसी की सजा का प्रावधान होगा.

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