शिक्षण संस्थान को स्वायत्तता, सरकार ने उठाए कदम

जिन कालेजों को स्वायत्ता प्रदान की गई है, उन्हें भी नए कोर्स और विभाग शुरु करने की अनुमति रहेगी. वह परीक्षा का मूल्यांकन भी कर सकेंगे, लेकिन डिग्री उन्हें विवि से मिलेगी.

नई दिल्ली: केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने यूजीसी बोर्ड की मीटिंग के बाद 62 उच्च शिक्षण संस्थानों को स्वायत्तता प्रदान करने की घोषणा की. उन्होंने कहा कि यूजीसी के तय मापदंडों को पूरी तरह से मानने और नैक की रैकिंग में शीर्ष स्थान प्राप्त करने के बाद इन संस्थानों को स्वायत्त बनाया गया है. ये सभी संस्थान बगैर यूजीसी की अनुमति के ही जहां नए कोर्स और विभाग चालू कर सकेंगे, वहीं वह आफ कैंपस गतिविधियां, रिसर्च पार्क, कौशल विकास के नए कोर्स और विदेशी छात्रों की प्रवेश के नए नियम बना सकेंगे. इसके अलावा वह सरकार के तय वेतनमान से भी ज्यादा वेतन पर अच्छी फैकेल्टी नियुक्त कर सकेंगे. इसके साथ ही जिन कालेजों को स्वायत्ता प्रदान की गई है, उन्हें भी नए कोर्स और विभाग शुरु करने की अनुमति रहेगी. वह परीक्षा का मूल्यांकन भी कर सकेंगे, लेकिन डिग्री उन्हें विवि से मिलेगी.
जेएनयू, बीएचयू व अलीगढ़ मुस्लिम विवि सहित देश के 62 उच्च शिक्षण संस्थान अब यूजीसी की दखलंदाजी से मुक्त होंगे. यह सभी अब अपनी जरूरत के मुताबिक नए कोर्स और विभाग चालू कर सकेंगे. इसके लिए इन्हें अब यूजीसी के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे. सरकार ने हाल ही में उच्च शिक्षण संस्थानों को स्वायत्ता देने को लेकर कई बड़े कदम उठाए है. इसके तहत हाल आईआईएम को स्वायत्ता दी है. इसके साथ ही 20 उच्च शिक्षण संस्थानों को विश्वस्तरीय बनाने की काम चल रहा है.

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