एजेंसियों का एक्शन जारी, टारगेट पर फर्जी कंपनियां

देश और विदेश में 200 डमी या मुखौटा कंपनियों पर ध्यान केंद्रित किया है, जिनका इस्तेमाल धोखाधड़ी के हिस्से के रूप में धन को भेजने या हासिल करने में किया जाता था. इस बात का संदेह है कि इन मुखौटा कंपनियों का इस्तेमाल आरोपी धन शोधन करने और जमीन, सोना और बेशकीमती रत्नों के रूप में बेनामी संपत्ति खरीदने में कर रहे थे. इसकी आयकर विभाग अब जांच कर रहा है.

नई दिल्ली: प्रवर्तन निदेशालय, सीबीआई और आयकर विभाग मुख्य रूप से पीएनबी में 11 हजार 400 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की जांच कर रही हैं, जिसमें हीरा कारोबारी नीरव मोदी, उसके रिश्तेदार और व्यापारिक भागीदार मेहुल चोकसी और अन्य के शामिल होने का आरोप है. ईडी और आयकर विभाग ने देश और विदेश में 200 डमी या मुखौटा कंपनियों पर ध्यान केंद्रित किया है, जिनका इस्तेमाल धोखाधड़ी के हिस्से के रूप में धन को भेजने या हासिल करने में किया जाता था. इस बात का संदेह है कि इन मुखौटा कंपनियों का इस्तेमाल आरोपी धन शोधन करने और जमीन, सोना और बेशकीमती रत्नों के रूप में बेनामी संपत्ति खरीदने में कर रहे थे. इसकी आयकर विभाग अब जांच कर रहा है.
हीरा व्यापारी नीरव मोदी ने पंजाब नेशनल बैंक में लूट का जो खेल खेला, उसकी तह तक जाने के लिए जांच एजेंसियों के टारगेट पर फर्जी कंपनियां भी हैं. प्रवर्तन निदेशालय ने नीरव मोदी और चोकसी की कंपनियों की रविवार को लगातार चौथे दिन तलाशी जारी रखी. ईडी धन शोधन निरोधक अधिनियम (पीएमएलए) के तहत कम से कम दो दर्जन अचल संपत्तियों को कुर्क करने जा रही है. ईडी ने रविवार को देश के 15 शहरों में 45 ज्वैलरी शोरूम और वर्कशॉप पर छापेमारी की.

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