बांग्ला के विरोध में जल उठा पहाड़, सरकार ने मांगी सेना से मदद

मुख्यमंत्री की कैबिनेट बैठक के दौरान गोजमुमो प्रमुख विमल गुरुंग और उनके समर्थक बैठक स्थल दार्जिलिंग के राजभवन के निकट जमा हुए. नारेबाजी करने के साथ प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री का पुतला फूंका

कोलकाता/दार्जिलिंग: पश्चिम बंगाल के सरकारी स्कूलों में 10वीं तक बांग्ला भाषा अनिवार्य करने के विरोध की आग में गुरुवार को पहाड़ की ठंडी वादियां जल उठीं और दार्जिलिंग में अघोषित बंद हो गया. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बैठक स्थल में प्रवेश के लिए गोरखा जनमुक्ति मोर्चा (गोजमुमो) समर्थकों ने बैरिकेट तोड़ा, पुलिस पर ईंट-पत्थर बरसाए और 15 से अधिक सरकारी वाहनों में आग लगा दी. तीन पुलिस अधिकारी सहित करीब 50 लोग घायल हो गए हैं. लाठीचार्ज के बाद भी स्थिति बेकाबू होते देख ममता बनर्जी की सरकार ने अपने छह साल के शासन में पहली बार सेना से मदद मांगी. इससे पहले मुख्यमंत्री की कैबिनेट बैठक के दौरान गोजमुमो प्रमुख विमल गुरुंग और उनके समर्थक बैठक स्थल दार्जिलिंग के राजभवन के निकट जमा हुए. नारेबाजी करने के साथ प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री का पुतला फूंका. इस दौरान ममता बनर्जी अपने 26 कैबिनेट मंत्रियों के साथ बैठक कर रही थीं. इसके बाद दार्जिलिंग अघोषित बंद हो गया और यातायात ठप पड़ गया. गोजमुमो ने पहाड़ पर शुक्रवार को 12 घंटे का बंद बुलाया है. विमल गुरुंग ने कहा है कि बंद के दौरान पर्यटक पहाड़ छोड़कर नहीं जा सकेंगे. उन्हें सुबह छह बजे से पहले या शाम पांच बजे के बाद पहाड़ से जाना होगा. राज्य के पर्यटन मंत्री गौतम देव ने कहा कि गोजमुमो के आंदोलन से दार्जिलिंग में 10 हजार से अधिक पर्यटन फंसे हुए हैं. सरकार उन्हें सही सलामत वहां से निकालने के की व्यवस्था की है. उन्हें किसी तरह परेशानी नहीं होने दी जाएगी. शुक्रवार सुबह से उन्हें दार्जिलिंग से समतल पर जाने की व्यवस्था की जा रही है. उनके लिए उत्तर बंगाल परिवहन को सुबह छह बजे से बसे चलाने का निर्देश दिया है. परिवहन सचिव ने एक प्रेस नोट जारी कर कहा है कि सिलीगुड़ी स्थित तेंह्नजग नॉर्गे बस स्टैंड से कोलकाता के लिए प्रत्येक दो घंटे के अंतराल में बसें रवाना होंगी. शाम छह बजे तक यह सुविधा उपलब्ध होगी. वहीं बागडोगरा हवाई अड्डे को पर्यटकों की सुविधा के लिए पांच बजे सुबह खोलने का निर्णय लिया गया है.

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