एनआरसी का पहला ड्राफ़्ट जारी, 1.9 करोड़ लोग ही वैध नागरिक

नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजन्स का ये पहला ड्राफ्ट है. इसे लेकर किसी तरह का तनाव हो इसे देखते हुए असम में केंद्रीय पुलिस बलों के क़रीब पैंतालीस हज़ार जवान तैनात किए गए हैं. सेना को भी ज़रूरत पड़ने पर तैयार रखा गया है.

गुवाहाटी: असम में आधी रात से नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजन्स का पहला ड्राफ़्ट जारी हो गया है. ये कदम असम में अवैध रूप से बांग्लादेशी घुसपैठियों को निकालने के लिए किया गया है. असम में लाखों लोगों को ये साबित करना है कि उनके माता-पिता 1971 में बांग्लादेश बनने से पहले ही असम में आकर रहने लगे थे. इस मुद्दे को लेकर राजनीति होने से ये मामला लगातार विवादों में भी रहा है. नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजन्स का ये पहला ड्राफ्ट है. इसे लेकर किसी तरह का तनाव हो इसे देखते हुए असम में केंद्रीय पुलिस बलों के क़रीब पैंतालीस हज़ार जवान तैनात किए गए हैं. सेना को भी ज़रूरत पड़ने पर तैयार रखा गया है. नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजन्स के दूसरे ड्राफ्ट में राज्य के बाकी एक करोड़ एक लाख लोगों के नाम होंगे. राज्य सरकार का कहना है कि अवैध रुप से भारत में रहने वाले और रजिस्टर में जगह न पाने वाले विदेशियों को देश से बाहर किया जाएगा. असम के 3 करोड़ नागरिकों की लिस्ट में 1.9 करोड़ लोग ही वैध नागरिक हैं. वहीं माहौल न बिगड़े इसलिए सुरक्षा के कड़े इंतेजाम किए गए हैं.
रजिस्ट्रार जनरल ऑफ इंडिया (आरजीआई) शैलेश ने रात 11.45 बजे संवाददाता सम्मेलन में कहा कि बाकी सभी लोगों के नामों का सत्यापन विभिन्न चरणों होगा. आरजीआई ने कहा कि पूरा एनआरसी वर्ष 2018 के भीतर प्रकाशित किया जाएगा. केंद्र और राज्य सरकार और आल असम स्टूडेंट्स यूनियन (आसू) के बीच राज्य में रहने वाले नागरिकों का कानूनी दस्तावेजीकरण करने के मुद्दे को 2005 में एक निर्णय लिया गया था. इसके बाद से असम में एनआरसी को अपडेट करने की प्रक्रिया चल रही है. असम में 20 वीं सदी की शुरुआत से बांग्लादेश से अवैध रूप से आने वाली आबादी का सामना कर रहा है. यह एक मात्र ऐसा राज्य है जिसमें एनआरसी है, जो कि 1951 में तैयार हुआ था.

Leave a Comment