मिसेज इंटरनेशनल का खिताब तेजस्विनी के नाम, चुनौती को किया स्वीकार

परिवार की जिम्मेदारी उठाने के साथ-साथ अपने सपने को साकार करने के लिए दिन रात मेहनत करना एक बड़ी चुनौती थी लेकिन मैंने इस चुनौती को स्वीकार किया. मेरे इसी हौसले ने मुझे आज कामयाब बनाया है.

नई दिल्ली: सिंगापुर में आयोजित कार्यक्रम में मिसेज इंटरनेशनल चुनी गई. इस प्रतियोगिया में तेजस्विनी के अलावा अन्य कई देश की प्रतिभागियों ने भी हिस्सा लिया था. तेजस्विनी इस कामयाबी का श्रेय अपनी सेल्फ ट्रेनिंग और दो साल की कड़ी मेहनत को देती हैं. उन्होंने बताया कि मीडिया इंडस्ट्री में काम करते हुए इतने बड़े स्टेज के लिए खुदको तैयार करना एक बड़ी चुनौती थी, लेकिन मैनें हार कभी नहीं मानी. मैं शुरू से कुछ अलग करना चाहती थी. यही वजह थी कि शादी के बाद से मैं अपने खानेपीने का विशेष ध्यान रखना शुरू कर दिया था. इसके साथ ही खुदको फिट करने पर भी मेरा खासा ध्यान था. मिसेज इंटरनेशनल का खिताब जीतने के बाद तेजस्विनी भारत में वुमेन इंपावरमेंट के क्षेत्र में काम करना चाहती है.
तेजस्विनी चाहती हैं कि देश में महिला को सशक्त बनाने के लिए काम किया जाएगा. तेजस्विनी का मानना है कि इस तरह की उपलब्धि हासिल करने के लिए जरूरी है कि आप खुद पर भरोसा करें. उन्होंने बताया कि इस खिताब को जीतने से पहले भी मेरे जीवन में कई उतार-चढ़ाव आए लेकिन मैं कभी मेहनत करना नहीं छोड़ा. मैं जब महज 22 साल की थी तब मेरे पिता का निधन हो गया. परिवार की जिम्मेदारी उठाने के साथ-साथ अपने सपने को साकार करने के लिए दिन रात मेहनत करना एक बड़ी चुनौती थी लेकिन मैंने इस चुनौती को स्वीकार किया. मेरे इसी हौसले ने मुझे आज कामयाब बनाया है.

Leave a Comment