टीबी को समाप्त करने की योजना, राष्ट्रव्यापी अभियान शुरू

सरकार ने 2025 तक टीबी को समाप्त करने की योजना बनाई है. हालांकि, डब्ल्यूएचओ ने लक्ष्य अवधि को 2030 तक निर्धारित किया है

नई दिल्ली: पोलियो की तर्ज पर टीबी के उन्मूलन के लक्ष्य के साथ केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने इस संक्रामक बीमारी के शुरुआती और बेहतर निदान के लिए 15 दिवसीय राष्ट्रव्यापी अभियान शुरू किया है, जिसमें स्वास्थ्यकर्मी और पर्यवेक्षक घर-घर जाएंगे और इस बीमारी के बारे में पता लगाएंगे. स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने कहा कि संशोधित राष्ट्रीय टीबी नियंत्रण कार्यक्रम (आरएनटीसीपी) के तहत यह कार्यक्रम तीसरे चरण में है और इसे चार दिसंबर को शुरू किया गया है. सरकार ने 2025 तक टीबी को समाप्त करने की योजना बनाई है. हालांकि, डब्ल्यूएचओ ने लक्ष्य अवधि को 2030 तक निर्धारित किया है.
एक्टिव केस फाइनडिंग (एसीएफ) नामक इस कार्यक्रम के अंतर्गत एएसएचए के स्वास्थ्यकर्मी और टीबी पर्यवेक्षक देश में मौजूद टीबी के उच्च जोखिम वाले 186 जिलों का दौरा कर रहे हैं. डब्लूएचओ का अनुमान है कि हर साल भारत में टीबी के 28 लाख नए मामले सामने आते हैं, लेकिन केवल 17 लाख मामले ही स्वास्थ्य मंत्रालय और राज्य अधिकारियों के सामने आते हैं. संसाधनों और जागरूकता की कमी के कारण बाकी मामलों के बारे में पता नहीं चल पाता. स्वास्थ्य मंत्रालय में उप महानिदेशक (टीबी) सुनील खापर्डे ने कहा, इस कार्यक्रम से टीबी के मामलों के निदान को बढ़ावा मिलेगा. इस कार्यक्रम के तहत स्वास्थ्य कर्मचारी घर-घर जाएंगे और पूछेंगे कि वहां कोई टीबी का रोगी है या नहीं. यह केवल उच्च जोखिम वाले 186 जिलों में होगा.

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