झुकी महाराष्ट्र सरकार, किसानों का आंदोलन समाप्त

सरकार ने मांगों पर लिखित भरोसा देने की बात कही. सरकार ने 6 मंत्रियों की एक समिति बनाई है जो कि किसानों की समस्या पर विचार करेगी. मुख्यमंत्री इस समिति के अध्यक्ष होंगे. नासिक से मुंबई तक लगभग180 किलोमीटर की दूरी पैदल चलकर आए किसानों के लिए बड़ी जीत है.

मुंबई: सरकार ने किसानों अधिकतर मांगें मान ली हैं और उन्‍हें लिखित पत्र दिया है. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विधानसभा में किसानों के प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक की. करीब तीन घंटे तक चली बैठक के बाद सरकार ने मांगों पर लिखित भरोसा देने की बात कही. सरकार ने 6 मंत्रियों की एक समिति बनाई है जो कि किसानों की समस्या पर विचार करेगी. मुख्यमंत्री इस समिति के अध्यक्ष होंगे. नासिक से मुंबई तक लगभग180 किलोमीटर की दूरी पैदल चलकर आए किसानों के लिए बड़ी जीत है. सीपीएम से जुड़ा संगठन अखिल भारतीय किसान सभा प्रदर्शन की अगुवाई कर रहा है. किसानों ने बिना शर्त ऋण माफ करने और वन भूमि उन आदिवासी किसानों को सौंपने की मांग की है जो वर्षों से इस पर खेती कर रहे हैं. किसान नासिक, ठाणे और पालघर जिले में नदियों को जोड़ने की योजना में बदलाव की भी मांग की है ताकि आदिवासियों की जमीन नहीं डूबे और इस योजना से जल इन इलाकों और अन्य सूखाग्रस्त जिलों को मुहैया कराई जा सके.वे हाई स्पीड रेलवे और सुपर हाईवे सहित परियोजनाओं के लिए राज्य सरकार द्वारा भूमि अधिग्रहण करने का भी विरोध कर रहे थे.उधर, मुंबई से किसानों की वापसी के लिए रेलवे प्रशासन ने दो स्पेशल ट्रेन चलाई हैं.
संवाददाताओं से बात करते हुए मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने कहा, कृषि उपयोग में लाई जाने वाली वन भूमि आदिवासियों और किसानों को सौंपने के लिए हम समिति बनाने पर सहमत हो गए हैं. बशर्ते वे 2005 से पहले जमीन पर कृषि करने के सबूत मुहैया कराएं. हमने उनकी लगभग सभी मांगें मान ली हैं. उन्होंने कहा कि किसानों की करीब 12-13 मांगें थीं जिनमें से ज्यादातर पर दोनों पक्षों में सहमति बन गई है. किसानों का समर्थन कांग्रेस, राकांपा, महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना और शिवसेना भी कर रही थी जो राज्य और केंद्र में भाजपा नीत सरकार में शामिल है. मनसे प्रमुख राज ठाकरे और शिवसेना नेता आदित्य ठाकरे ने रविवार को किसानों से मुलाकात की थी.

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