ब्रज में बिखरा गुलाल, राधिकाएं लठ संभाल हुई तैयार

8 मार्च से वृंदावन के ठाकुर बांके बिहारी मंदिर में भी होली होने लगती है. कहा जाता है कि इस मौके पर ठाकुर जी वर्ष में एक बार मंदिर परिसर में आकर भक्तों को दर्शन देते हैं.

Leaks: समूचे भारत में होली 13 मार्च को मनाई जाएगी लेकिन बरसाने में होली की सारी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं. नंदगांव के लोग रंग-बिरंगे वस्त्र पहनकर हाथों में लठ लेकर बरसाना रवाना हो रहे हैं. वहीं बरसाने की राधिकाएं भी सोलह श्रृंगार करके तैयार रहती हैं. नवमी के दिन राधारानी के बुलावे पर नंदगांव के हुरियार बरसाना में होली खेलने जाते हैं. वहीं दशमी के दिन बरसाना के हुरियार नंदगांव की हुरियारिनों से होली खेलने जाते हैं. उसके बाद नंद चौक पर होली के रसिया गायन के मध्य लठमार होली होती है. कहा जाता है कि जब नंदगाव की टोलियां बरसाना आती हैं तो वहां की महिलाएं उन पर लाठियां बरसाती हैं अौर पुरुषों को उन लाठियों से बचना होता है. स्थानीय लोगों का मानना है कि होली की लाठियों से किसी को चोट नहीं लगती. यदि किसी को चोट लगती है तो घाव पर मिट्टी लगाकर फिर से होली खेलने लग जाते हैं. उस समय भांग और ठंडाई का इंतजाम होता है. 8 मार्च से वृंदावन के ठाकुर बांके बिहारी मंदिर में भी होली होने लगती है. कहा जाता है कि इस मौके पर ठाकुर जी वर्ष में एक बार मंदिर परिसर में आकर भक्तों को दर्शन देते हैं. इसी दिन वृंदावन से सभी बाजारों से होकर ठा. राधावल्लभ लाल के चल विग्रह का हाथी पर डोला पारंपरिक रूप में निकाला जाता है और मथुरा में जन्मस्थान के लीलामंच एवं प्रांगण में होली के विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं. बताया जा रहा है कि उसके बाद 9 मार्च को गोकुलवासी छड़ी मार होली खेलेंगे। 13 मार्च को मथुरा के ठा. द्वारिकाधीश मंदिर से ठाकुर जी का डोला निकाला जाएगा. यह शहर के सभी प्रमुख बाजारों में होता हुआ पुन: वहीं पहुंचकर यात्रा पूर्ण करेगा. 14 मार्च को राधारानी के ननिहाल गांव मुखराई में विश्व प्रसिद्ध चरखुला नृत्य का आयोजन किया जाता है.

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