खेल संस्कृति को पुनर्जीवित करना, खेलो इंडिया का मिशन

आयोजन से भारत की युवा खेल प्रतिभाएं उभरकर सामने आएंगी और इससे देश की खेल शक्ति का भी पता चलेगा. इसके लिए देश में खेले जाने वाले सभी खेलों के लिए एक मजबूत संरचना का निर्माण किया जाएगा, ताकि भारत खेलों में एक अग्रणी राष्ट्र के रूप में स्थापित हो सके.

नई दिल्ली: खेलो इंडिया कार्यक्रम का उद्देश्य जमीनी स्तर पर खेल संस्कृति को पुनर्जीवित करना है. 17 वर्ष से कम उम्र के युवा 16 खेलों तीरंदाजी, एथलेटिक्स, बैडमिंटन, बास्केटबॉल, मुक्केबाजी, फुटबाल, जिमनास्टिक्स, हॉकी, जूडो, कबड्डी, खो-खो, निशानेबाजी, तैराकी, वॉलीबाल, भारोत्तोलन, कुश्ती में हिस्सा लेंगे. इस आयोजन से भारत की युवा खेल प्रतिभाएं उभरकर सामने आएंगी और इससे देश की खेल शक्ति का भी पता चलेगा. इसके लिए देश में खेले जाने वाले सभी खेलों के लिए एक मजबूत संरचना का निर्माण किया जाएगा, ताकि भारत खेलों में एक अग्रणी राष्ट्र के रूप में स्थापित हो सके.
प्रधानमंत्री ने दिल्ली के इंदिरा गांधी स्टेडियम में प्रथम खेलो इंडिया स्कूल गेम्स कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए कहा कि अन्य कामों की तरह खेल भी हमारी प्राथमिकता की लिस्ट में आने चाहिए और खेलें भी खिलें भी के सकंल्प के साथ हमें आगे बढ़ना चाहिए. कहीं. उन्होंने कहा कि खेलो इंडिया कोई कार्यक्रम नहीं बल्कि एक मिशन है. खेलो इंडिया का आयोजन 31 जनवरी से 8 फरवरी तक राष्ट्रीय राजधानी में किया जाएगा.

Leave a Comment