370 बना इतिहास, J&K पुनर्गठन बिल पास

बिल के पक्ष में 366 और विरोध में 66 मत पड़े. इस बिल को सरकार के एक दिन पहले ही राज्यसभा से पारित करवा लिया था. इसके अलावा धारा 370 हटाने का संकल्प पत्र भी पारित हो गया.

नई दिल्ली: J&K पुनर्गठन बिल पास बिल लोकसभा में पास हो गया. बिल के पक्ष में 366 और विरोध में 66 मत पड़े. इस बिल को सरकार के एक दिन पहले ही राज्यसभा से पारित करवा लिया था. इसके अलावा धारा 370 हटाने का संकल्प पत्र भी पारित हो गया. इस बिल के पास होने के बाद जम्मू कश्मीर दो हिस्सों में बंट जाएगा. इसके अनुसार जम्मू कश्मीर और लद्दाख को केंद्र शासित प्रदेश बनाया जाएगा. निचले सदन में गृह मंत्री अमित शाह की ओर से पेश संकल्प में कहा गया है, भारत के संविधान के अनुच्छेद 370 के खंड 1 के साथ पठित अनुच्छेद 370 के खंड 3 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करते हुए राष्ट्रपति संसद की सिफारिश पर यह घोषणा करते हैं कि वह जिस दिन भारत के राष्ट्रपति द्वारा इस घोषणा पर हस्ताक्षर किए जाएंगे और इसे सरकारी गजट में प्रकाशित किया जाएगा, उस दिन से उक्त अनुच्छेद के सभी खंड लागू नहीं रहेंगे, सिवाय खंड 1 के. इसमें कहा गया है कि 19 दिसंबर 2018 को राष्ट्रपति की अधिघोषणा के बाद जम्मू कश्मीर राज्य विधायिका की शक्ति इस सदन को है.
इससे पहले लोकसभा में कश्मीर पर बहस का जवाब देते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि धारा 370 आज सदन के आशीर्वाद से खत्म हो जाएगी और यह दिन इतिहास में स्वर्ण अक्षरों से लिखा जाएगा. गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि जैसे ही स्िो जति सामान्ये हो जाएगी जम्मू कश्मी र को पूर्ण राज्य0 का दर्जा दे दिया जाएगा. धारा 370 कश्मीर और भारत को एक दूसरे से नहीं जोड़ती. गृह मंत्री ने कहा कि धारा 370 ने इस देश और दुनिया के मन में एक शंका पैदा कर दी थी कि कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है या नहीं? अमित शाह ने कहा विरोधी पार्टी के कुछ लोग भी चाहते हैं कि कश्मीर से धारा 370 हटे. गृह मंत्री ने कहा कि बिना कैबिनेट के विश्वास में लिए ऑल इंडिया रेडियो से कश्मीर मुद्दे को यूएन ले जाने की घोषणा किसने की थी, पंडित जवाहर लाल नेहरू ने की थी. उन्होंने कहा कि विरोधी भी चाहते हैं कि अनुच्छेद 370 हट जाए. शाह ने कहा कि 371 और 370 के बीच का अंतर देश की जनता समझती है और आप इससे गुमराह नहीं कर पाएंगे.

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