जीएसटी व्यवस्था के तहत, बन जाएगा पूरा देश साझा बाजार

जीएसटी में उत्पाद शुल्क, सेवाकर और वैट सहित केन्द्र और राज्य में लगने वाले 16 विभिन्न करों को समाहित कर लिया जाएगा.

नई दिल्ली: देश में एक जुलाई से लागू होने वाली वस्तु एवं सेवाकर (जीएसटी) व्यवस्था के तहत सोने और सोने से बने गहने की खरीदारी कुछ महंगी होगी जबकि 1,000 रुपए तक कीमत वाले कपड़े सस्ते होंगे. आम आदमी के उपयोग वाले चप्पल, जूते भी नई कर व्यवस्था में सस्ते होंगे. वित्त मंत्री अरुण जेटली की अध्यक्षता में जीएसटी परिषद की बैठक में ये तय किया गया कि किन वस्तुओं पर जीएसटी लगाना है और किन वस्तुओं पर नहीं. पैकिंग वाले ब्रांडेड खाद्य उत्पादों पर पांच प्रतिशत की दर से जीएसटी लगाना तय किया है, बीड़ी पर 28 प्रतिशत की दर से जीएसटी लगेगा. बीड़ी पर सिगरेट की तरह कोई उपकर नहीं लगाया जाएगा, सभी तरह के बिस्कुट पर 18% की दर से जीएसटी लगेगा, 500 से अधिक मूल्य वाले चप्पल-जूते खरीदन पर 18% की दर से जीएसटी लगाया जाएगा, कपास और प्राकृतिक रेशे और सभी तरह के धागे पर 5% की दर से जीएसटी लगाया जाएगा, सभी तरह के कपड़े पर पांच प्रतिशत की दर से जीएसटी लगेगा जबकि 1,000 रुपए तक के मानव-निर्मित परिधानों पर पांच प्रतिशत की निम्न दर से जीएसटी लागू होगा. फिलहाल इस पर 7% की दर से कर लगता है. जीएसटी परिषद की 15वीं बैठक में बिना तराशे हीरों पर 0.25 प्रतिशत की दर से जीएसटी लगाने का भी फैसला किया गया, कृषि उपकरणों के लिए पांच और 12 % की दो दरें रखीं गई. इसके अलावा परिषद ने परिवर्तनकारी समय और रिटर्न फॉर्म के बारे में भी नियमों को मंजूरी दी. जीएसटी लागू होने पर परिवर्तन के दौर संबंधी नियमों में संशोधन का भी फैसला किया. जीएसटी में उत्पाद शुल्क, सेवाकर और वैट सहित केन्द्र और राज्य में लगने वाले 16 विभिन्न करों को समाहित कर लिया जाएगा. इसके साथ ही पूरा देश साझा बाजार बन जाएगा.

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