गोबर-धन योजना की घोषणा, 115 आकांक्षायुक्त जिलों की पहचान

समावेशी समाज निर्माण के दृष्टिकोण के तहत सरकार ने विकास के लिए 115 आकांक्षायुक्त जिलों की पहचान की है. इन जिलों में स्वास्थ्य, शिक्षा, पोषण, सिंचाई, ग्रामीण विद्युतीकरण, पेयजल, शौचालय तक पहुंच आदि में निवेश करके निश्चित समयावधि में विकास की गति को तेज किया जाएगा.

नई दिल्लीः सरकार ने बजट 2018-19 में ग्रामीणों के जीवन को बेहतर बनाने के अपने प्रयासों के तहत गोबर-धन योजना की आज घोषणा की. केंद्रीय वित्त मंत्री अरूण जेटली ने लोकसभा में आम बजट पेश करते हुए गोबर-धन (गैलवनाइजिंग ऑर्गेनिक बायो-एग्रो रिसोर्स धन) योजना की घोषणा की. उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत गोबर और खेतों के ठोस अपशिष्ट पदार्थों को कम्पोस्ट, बायो-गैस और बायो-सीएनजी में परिवर्तित किया जाएगा. उन्होंने कहा कि समावेशी समाज निर्माण के दृष्टिकोण के तहत सरकार ने विकास के लिए 115 आकांक्षायुक्त जिलों की पहचान की है. इन जिलों में स्वास्थ्य, शिक्षा, पोषण, सिंचाई, ग्रामीण विद्युतीकरण, पेयजल, शौचालय तक पहुंच आदि में निवेश करके निश्चित समयावधि में विकास की गति को तेज किया जाएगा.
मंत्री ने उम्मीद जताई कि ये 115 जिले विकास के मॉडल साबित होंगे. जानवरों को पालने वालों को भी किसान क्रेडिट कार्ड मिलेगा. शिक्षा, स्वास्थ्य पर सेस अब 3 फीसदी की जगह 4 फीसदी लगाया जाएगा. आदिवासी इलाकों में नवोदय की तर्ज पर एकलव्य स्कूल खोले जाएंगे. नर्सरी से 12वीं तक के क्षात्रों के लिए एक ही पॉलिसी लागू होगी. कस्टम ड्यूटी बढ़ने से मोबाइल फोन और टीवी अब महंगे हो जाएंगे. ब्रांडेड स्मार्टफोन्स पर कस्टम ड्यूटी 15% से बढ़ाकर 20% कर दिया गया.

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