फाइटर प्लेन उड़ा रचा इतिहास, कॉम्बेट रोल के लिए सेना में महिला

भारत ने सेना में 2015 में सरकार ने लैंगिक आधार पर भेदभाव करने वाली पॉलिसी खत्म की. भारत की ये त्रिमूर्ति जून 2016 में इंडियन एयर फोर्स में शामिल हुईं. इन तीनों का इंडियन एयरफोर्स में आना एक बड़ा कदम रहा.

नई दिल्ली: भारत की पहली महिला अवनी चतुर्वेदी ने फाइटर प्लेन को अकेले उड़ाकर रचा इतिहास. उनके प्रशिक्षक ने मिग-21 बाइसन एयरक्राफ्ट की जांच की. फाइटर विमान उड़ाने के लिए अमेरिका, ब्रिटेन, इजरायल और पाकिस्तान ने ही अभी तक महिलाओं को शामिल किया है. कॉम्बेट रोल के लिए आर्मी और नैवी में महिला की भागीदारी सीमित है. भारत ने सेना में 2015 में सरकार ने लैंगिक आधार पर भेदभाव करने वाली पॉलिसी खत्म की. भारत की ये त्रिमूर्ति जून 2016 में इंडियन एयर फोर्स में शामिल हुईं. इन तीनों का इंडियन एयरफोर्स में आना एक बड़ा कदम रहा. भावना बिहार की रहने वाली हैं. वो एक इंजीनियर पिता और गृहणी की बेटी हैं. वहीं अवनी भी इंजीनियर पिता की बेटी हैं. मोहाना को आर्मी का माहौल विरासत में मिला है. मोहाना के पिता इंडियन एयरफोर्स में रहे हैं.
अवनी चतुर्वेदी जून 2016 में भावना कांथ और मोहना सिंह के साथ पहली महिला बैच के रूप में इंडियन एयर फोर्स फाइटर स्क्वार्डन में शामिल हुई थी. फ्लाइंग ऑफिसर अवनी चतुर्वेदी ने 19 फरवरी को गुजरात के जामनगर से अकेले ही मिग-21 फाइटर प्लेन की उड़ान भरी. इस सफलता के बाद एयर कोमोडोर प्रशांत दीक्षित ने कहा कि इंडियन एयरफोर्स और भारत के लिए यह विशेष उपलब्धि है. उड़ान के दौरान अनुभवी फ्लायर्स और प्रशिक्षक जामनगर एयरबेस के एयर ट्रैफिक कंट्रोल और रन-वे पर निगरानी के लिए मौजूद रहे.

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