फेब इंडिया पर आरोप, चरखा का इस्तेमाल अवैध

आयोग ने फेब इंडिया को नोटिस जारी कर 525 करोड़ रुपये के हर्जाने की मांग की है.फेब इंडिया परिधान बेचने वाली प्रमुख श्रृंखला है. आयोग द्वारा भेजे गए कानूनी नोटिस के अनुसार, अगर कंपनी उसके ट्रेडमार्क जैसे नाम का प्रदर्शन बंद नहीं करती है तो फेब इंडिया ओवरसीज प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

नई दिल्ली: खादी व ग्रामोद्योग आयोग का फेब इंडिया पर आरोप है कि उसने उसके ट्रेडमार्क चरखा का अवैध रूप से इस्तेमाल किया. इसके साथ ही आयोग को फेब इंडिया द्वारा अपने परिधान खादी ब्रांड से बेचे जाने पर भी आपत्ति है. आयोग ने फेब इंडिया को नोटिस जारी कर 525 करोड़ रुपये के हर्जाने की मांग की है.फेब इंडिया परिधान बेचने वाली प्रमुख श्रृंखला है. आयोग द्वारा भेजे गए कानूनी नोटिस के अनुसार, अगर कंपनी उसके ट्रेडमार्क जैसे नाम का प्रदर्शन बंद नहीं करती है तो फेब इंडिया ओवरसीज प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी. आयोग ने अपने नोटिस में कंपनी से कहा है कि वह अपने कपड़ों व अन्य उत्पादों को बेचने के लिए चरखा या खादी मार्क का इस्तेमाल नहीं करें. आयोग ने कंपनी से इस मामले में बिना शर्त माफी मांगने को कहा है. इसके अनुसार, कंपनी यह लिखकर दे कि वह खादी या इससे जुड़े ऐसे कोई उत्पाद नहीं बेचेंगे जिन पर खादी ट्रेडमार्क हो. सूक्ष्म, लघु व मध्यम उद्यम मंत्रालय के अधीन आने वाले स्वायत्त निकाय खादी ग्रामोद्योग ने यह नोटिस 29 जनवरी को जारी किया और कंपनी को जवाब देने के लिए सात दिन का समय दिया.
फेब इंडिया के प्रवक्ता ने आयोग के दावे को आधारहीन करार दिया और कहा अगर कोई कार्रवाई की जाती है तो कंपनी पूरी ताकत से अपना बचाव करेगी. फेब इंडिया के प्रवक्ता ने कहा है, हमें आयोग के वकीलों के मार्फत भेजा गया नोटिस मिला है. हमें इसकी विषयवस्तु पर हैरानी है. हम पिछले दो साल में अनेक बैठकों व संवाद के जरिए आयोग को स्पष्ट कर चुके हैं कि फेब इंडिया ने केवीआईसी कानून या उसके बाद बने किसी भी नियम का उल्लंघन नहीं किया है. (इनपुट भाषा से)

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