ई-वे बिल नियम आसान, ई-कॉमर्स कंपनियों को राहत

1 जुलाई 2017 से जीएसटी लागू होने के बाद 50 हजार रुपये या इससे ज्यादा के सामान को एक राज्य से दूसरे राज्य में ले जाने या राज्य के अंदर ही 10 किमी या इससे ज्यादा दूर ले जाने के लिए इलेक्ट्रॉनिक परमिट की जरूरत होगी. इस इलेक्ट्रॉनिक बिल को ही ई-वे बिल कहा जाता है.

नई दिल्ली: सरकार ने ई-वे बिल के नियमों में बदलाव को अधिसूचित किया है. इसमें जाब वर्क का काम करने वाले भी वस्तुओं की आवाजाही के लिये इलेक्ट्रानिक रसीद निकाल सकते हैं.राज्यों के बीच 50,000 रुपये से अधिक मूल्य के वस्तुओं की ढुलाई के लिये इलेक्ट्रानिक वे या ई- वे बिल की जरूरत एक अप्रैल से होगी. रोजमर्रा के उपयोग का सामान बनाने वाली कंपनियों को बड़ी राहत देते हुए सरकार ने उन मामलों में उन्हें ई- वे बिल निकालने के उद्देश्य के लिये केवल कर योग्य आपूर्ति पर भी विचार की अनुमति दे दी है जहां बिक्री बिल में छूट और कर योग्य आपूर्ति वाली वस्तुएं दोनों शामिल हैं.
ई-वे बिल सेवा को चार राज्यों कर्नाटक, राजस्थान, उत्तराखंड और केरल में शुरू किया जा चुका है. इन राज्यों में हर दिन करीब 1.4 लाख ई-वे बिल प्रोड्यूस किए जा रहे हैं. ई-वे बिल प्राप्त करने के लिए ट्रांसपोर्टरों को (https://ewaybill2.nic.in) पर जाना होगा. यहां जीएसटीइन देकर रजिस्ट्रेशन करना होगा. जिनका जीएसटी के तहत रजिस्ट्रेशन नहीं हुआ है वे ई-वे बिल के लिए पैन या आधार देकर अपनाा नामांकन करा सकते हैं. (इनपुट एजेंसी)

Leave a Comment