सूर्योपासना: महापर्व छठ का चार दिवसीय अनुष्ठान शुरु।

मगध की लोक संस्कृति की अपनी विशिष्टता है जो छठ के गीतों में घुल कर उभर रही है।

Leaks: लोक आस्था के महापर्व छठ का चार दिवसीय अनुष्ठान नहाय-खाय शुक्रवार से शुरू हो गया है। शनिवार 1 April को खरना है। रविवार की शाम 2 April को भगवान भाष्कर को पहला सायंकालीन अर्घ्य दिया जाएगा। खरना के बाद छठवर्ती 36 घंटे तकनिर्जलाव्रत रखेंगे। नहाय-खाय को लेकर शुक्रवार से ही गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने लगेगी। घाटों पर दातुन कर करके स्नान करेंगे। साथ ही प्रसाद बनाने के लिए बर्तन धोए जाएंगे और गंगाजल भरकर घर लाए जाएंगे। घाटों पर व्रती प्रसाद बनाने के लिए गेहूं भी सुखाएंगे। शहरके आसपास के ग्रामीण क्षेत्र से भी महती तादाद में लोग छठ महापर्व करने पटना आएंगे। छठ महापर्व नहाय-खाय : शुक्रवार 31 March, खरना(लोहंडा): शनिवार 1 April, सायंकालीन अर्घ्य-रविवार 2 April, प्रात:कालीन अर्घ्य: सोमवार 03 April को। भगवान सूर्य के मानवीय स्वरूप का इतनी सहजता से और इतने कम शब्दों में सटीक चित्रण मगध की लोक संस्कृति की अपनी विशिष्टता है जो छठ के गीतों में घुल कर उभर रही है।

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