आवेदन के साथ अस्पष्ट दावापत्र, बोर्ड लेगा इतिहासकारों की राय

पद्मावती से पहले विभिन्न भाषाओं की कम से कम 40 फीचर फिल्में कतार में हैं. फिल्म के जनवरी के दूसरे सप्ताह में प्रमाणित होने की संभावना है.

मुंबई: प्रमाणन बोर्ड में मौजूद सूत्र ने कहा कि पद्मावती के निर्माताओं ने फिल्म के प्रमाणन के लिए भेजे अपने आवेदन के साथ अस्पष्ट दावापत्र लगाकर मामले को व्यर्थ में जटिल कर दिया. आवेदन में उन्होंने लिखा कि फिल्म आंशिक रूप से ऐतिहासिक तथ्यों पर आधारित है. सूत्र ने बताया कि सीबीएफसी ने कहा कि पद्मावती को जनवरी में ही प्रमाणित किया जा सकता है, क्योंकि दिसंबर तो लगभग बीत रहा है. पद्मावती से पहले विभिन्न भाषाओं की कम से कम 40 फीचर फिल्में कतार में हैं. फिल्म के जनवरी के दूसरे सप्ताह में प्रमाणित होने की संभावना है. लगता कि वे मार्च या अप्रैल से पहले फिल्म को रिलीज कर सकेंगे. यह भी तब होगा, जब सीबीएफसी फिल्म को बिना किसी आपत्ति के प्रमाणित कर दे. सीबीएफसी फिल्म पद्मावती की समीक्षा के लिए इतिहासकारों की समिति गठित करेगा. यह फिल्म अगले साल मार्च तक रिलीज हो सकती है.
हिमाचल प्रदेश और गुजरात चुनाव से ठीक पहले पद्मावती पर राजपूत संगठनों ने इसके खिलाफ आंदोलन तेज कर दिया था. यह मुद्दा उठाने से राजपूत वोट मिलने की संभावना देख भाजपा भी इस आंदोलन में कूद पड़ी. भाजपा हालांकि खुद को जाति की राजनीति न करने का दावा करती है.

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