जारी चमकी बुखार का कहर, NHRC ने लिया संज्ञान

बिहार के मुजफ्फरपुर में एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम के कारण होने वाली मौतों की विस्तृत रिपोर्ट के लिए बिहार सरकार के मुख्य सचिव और केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के सचिव को नोटिस जारी किया.

पटना: बिहार में मस्तिष्क ज्वर सहित अन्य अज्ञात बीमारी से अबतक 130 बच्चों की मौत हो चुकी है. इस दौरान हालात का जायजा लेने मुजफ्फरपुर श्रीकृष्ण सिंह मेडिकल कालेज अस्पताल पहुंचे केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्द्धन ने इस समस्या को जड़ से समाप्त करने के लिए केंद्र सरकार की ओर से राज्य को सभी संभव तकनीक और आर्थिक मदद का आश्वासन दिया. उत्तर बिहार के मुजफ्फरपुर व इसके आसपास के जिलों में महामारी का रूप ले चुके चमकी बुखार (एईएस) से बच्चों की मौत का सिलसिला जारी है. 17वें दिन सोमवार को अबतक चार बच्चों की मौत हो चुकी है. चार की मौत एसकेएमसीएच में हुई. उत्तर बिहार में इस साल यह बीमारी ने मई के दूसरे पखवाड़े में दस्तक दी. 21 मई को तीन बच्चों की मौत हो गई. उसके बाद मौसम में थोड़ी सुधार से स्थिति संभली, मगर एक जून से स्थिति दिनोंदिन बिगड़ती चली गई. हर दिन मरीज आए, हर दिन मौत। 10 जून को 19 तो 11 जून को 15 बच्चों ने जान गंवा दी, 14 जून को 14 तो 15 जून को 18 बच्चों की मौत हो गई.
मामले पर अब राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग ने संज्ञान लिया है और सरकार को नोटिस जारी किया है. बिहार के मुजफ्फरपुर में एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम के कारण होने वाली मौतों की विस्तृत रिपोर्ट के लिए बिहार सरकार के मुख्य सचिव और केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के सचिव को नोटिस जारी किया. आयोग ने स्थिति से निपटने के लिए उठाए गए जापानी इंसेफेलाइटिस वायरस/ एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम (NPPCJA) की रोकथाम और नियंत्रण के लिए राष्ट्रीय कार्यक्रम के कार्यान्वयन की स्टेटस रिपोर्ट भी मांगी है. आयोग ने चार सप्ताह के भीतर इस पर जवाब मांगा है.

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