बीजेपी की पीढ़ीगत बदलाव, बड़े लक्ष्य की योजना

प्रधानमंत्री मोदी और पार्टी चीफ अमित शाह के नेतृत्व वाली बीजेपी नए चेहरों को उतार बड़े लक्ष्यों को प्राप्त करना है

Leaks: पीढ़ीगत बदलाव 2014 में बीजेपी के सत्ता में आने के बाद से शुरू हुआ था जब पीएम मोदी ने 75 साल से अधिक उम्र के नेताओं को मंत्री पद देने से इनकार कर दिया था. चुनाव लड़ने के लिए बुजुर्ग नेताओं को टिकट नहीं देने से पार्टी ने संकेत दिया है कि पार्टी में पीढ़ीगत बदलाव अगले स्तर पर पहुंच गया है. लोकसभा के लगभग 50 सांसदों के टिकट अब तक बीजेपी काट चुकी है. यहां तक की प्रधानमंत्री मोदी और पार्टी चीफ अमित शाह के नेतृत्व वाली बीजेपी की केंद्रीय नेतृत्व ने बुजुर्ग नेता लालकृष्ण आडवाणी, कलराज मिश्र, शांता कुमार, बीसी खंडूरी और भगत सिंह कोश्यारी जैसे दिग्गजों को सीधे चुनाव से दूर रखा है. इस बीच, बीजेपी उत्तर प्रदेश के 31 उम्मीदवारों के नाम की घोषणा कर चुकी है जिसमें से छह मौजूदा सांसदों के टिकट भी काटे गए हैं. बीजेपी ने कैराना के उम्मीदवार का भी टिकट काट दिया है जो 2018 के उपचुनाव में हार गया था. छत्तीसगढ़ में बीजेपी ने अपने सभी दस सांसदों के टिकट काट दिए हैं. वहीं मध्य प्रदेश में अभी तक 15 सीटों पर उम्मीदवारों के नाम की घोषणा हो गई है और पांच सांसदों के टिकट काट दिए हैं. इस वजह है कि बीजेपी ने दिसंबर में दोनों राज्यों में विधानसभा चुनावों में कांग्रेस से हार का सामना करना पड़ा था. वहीं बिहार में पांच राजनीतिक दलों के महागठबंधन के खिलाफ बीजेपी ने बिहार की 17 सीटों में से 13 पर पुराने सांसदों को ही टिकट दिया है. तीन सांसदों के टिकट काट दिए हैं. इतना ही नहीं बीजेपी ने पांच सीटें नीतिश कुमार की जेडीयू को दे दी है जिसमें पिछले लोकसभा चुनाव में जीत हासिल की थी. लोकसभा चुनाव 2019 के लिए भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने अभी तक 306 उम्मीदवार की घोषणा कर चुकी है. युद्ध की योजना कुछ बड़े लक्ष्यों को प्राप्त करना है, जैसे कि नए चेहरों को उतारना. कुछ राज्यों के लिए एक युद्ध योजना है जहां विपक्ष एक साथ आए हैं. युद्ध की योजना ने पार्टी से कुछ उम्मीदवारों को बदलने की मांग की.

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