सरकारी बैंकों से कर्ज लेना आसान, रोजगार सृजन पर विशेष ध्यान

सरकार ने कहा है कि वह सार्वजनिक क्षेत्र के 20 बैंकों में 31 मार्च से पहले 88,139 करोड़ रुपए का निवेश करेगी ताकि उधारी को बल दिया जा सके और वृद्धि बहाल की जा सके. वित्तीय सेवा सचिव राजीव कुमार का कहना है कि मौजूदा सुधारों के बाद ईमानदार कर्जदारों के लिए सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों से कर्ज लेना आसान होगा.

नई दिल्ली: सरकार ने बैंकिंग क्षेत्र में अनेक सुधारों की घोषणा की है. सरकार ने कहा है कि वह सार्वजनिक क्षेत्र के 20 बैंकों में 31 मार्च से पहले 88,139 करोड़ रुपए का निवेश करेगी ताकि उधारी को बल दिया जा सके और वृद्धि बहाल की जा सके. वित्तीय सेवा सचिव राजीव कुमार का कहना है कि मौजूदा सुधारों के बाद ईमानदार कर्जदारों के लिए सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों से कर्ज लेना आसान होगा. कुमार ने कहा कि सरकार द्वारा घोषित इस सुधार प्रक्रिया का एक मुख्य उद्देश्य कर्जदारों की ईमानदारी को पुरस्कृत करना तथा सही व ईमानदार कर्जदारों के लिए जरूरत आधारित वित्तपोषण को आसान व बाधारहित बनाना है.
सरकार अब बैंकों के कामकाज की समीक्षा करेगी, ताकि कमियों में सुधार किया जा सके. वित्त मंत्रालय सरकारी बैंकों के कामकाज में सुधार के प्रयासों के तहत रिजर्व बैंक की तुरंत सुधारात्मक कार्रवाई योजना (पीसीए) के आधार पर सार्वजनिक बैंकों के प्रमुखों के प्रदर्शन समीक्षा की शीघ्र ही शुरुआत करने वाला है. रिजर्व बैंक ऋण वसूली और खुद की आधार पूंजी जैसे पैमानों पर 12 सार्वजनिक बैंकों पर नजर रखे हुए है. विभिन्न फिनटेक उपायों के साथ-साथ दाखिल किए जाने वाले जीएसटी रिटर्न से भी बैंकों को नकदी प्रवाह की काफी जानकारी मिल सकेगी. इसके आधार पर बैंक ऋण मंजूरी के बारे में फैसला कर सकते हैं. उन्होंने कहा कि उक्त पहलों के तहत सूक्ष्म, लघु व मझौले उद्यमों (एमएसएमई), वित्तीय समावेशी व रोजगार सृजन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा.

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