किसानों को लेकर गंभीर नहीं है राज्य की सरकार

बिहार सरकार में कृषि उनकी प्राथमिकता में नहीं है. इसलिए सात निश्चय योजना में भी कृषि को शामिल नहीं किया गया. किसानों के सिंचाई का प्रबंध नहीं किया गया. पहले से लगे हुए सत्तर फीसदी से अधिक राजकीय नलकूप खराब पड़े हुए हैं

किशनगंज : भाजपा प्रदेश कार्यसमिति की बैठक मंगलवार को किशनगंज में शुरू हुई. एमजीएम मेडिकल कॉलेज में आयोजित कार्यसमिति की बैठक में मंच पर मौजूद प्रदेश अध्यक्ष नित्यानंद राय, पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी, प्रदेश सह प्रभारी सीआर पाटिल की मौजूदगी में प्रतिपक्ष के नेता प्रेम कुमार ने कृषि प्रस्ताव लाया. कुमार ने कहा कि बिहार के किसान सरकार के रवैये से त्रस्त हैं. कृषि और किसानों की बदहाली, धान खरीदी, सिंचाई का प्रबंध, किसानों को बोनस, उपज की उचित मूल्य आदि की स्थिति बहुत खराब है. सरकार में शामिल भाजपा के समय बिहार में किसानों के लिए 2012 से 17 तक के लिए एक लाख 52 हजार करोड़ रुपया कृषि रोड मैप की शुरुआत हुई. भाजपा के सरकार से हटने के बाद बिहार सरकार ने इससे संबंधित कृषि कैबिनेट को ही भंग कर दिया. बिहार सरकार में कृषि उनकी प्राथमिकता में नहीं है. इसलिए सात निश्चय योजना में भी कृषि को शामिल नहीं किया गया. किसानों के सिंचाई का प्रबंध नहीं किया गया. पहले से लगे हुए सत्तर फीसदी से अधिक राजकीय नलकूप खराब पड़े हुए हैं. आहर, पेन की खुदाई नहीं हुई. ऐसी परिस्थिति में भाजपा की यह कार्यसमिति किसानों के हितों के लिए किसानों के हितों के लिए आनेवाले दिनों में सड़क से सदन तक जनसहयोग के माध्यम से चरणबद्ध तरीके से आंदोलन शुरू करेगी. राज्य सरकार को हरित क्रांति बनाने के लिए दबाव डालने व केंद्र सरकार की कृषि के लिए क्रांतिकारी योजना को सही तरीके से कार्यान्वित करने के लिए किसानों से आंदोलन में शामिल होने का आह्वान किया गया.

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